
जयपुर। रेनवाल (Renwal) स्थित माहेश्वरी धर्मशाला में मंगलवार को रक्तदान शिविर (Blood Donation Camp) का आयोजन किया गया। रेनवाल के स्थापना दिवस पर रेनवाल क्लब (Renwal Club) की ओर से आयोजित 14 वे रक्तदान शिविर (Blood Donation Camp) में रिकॉर्ड 636 यूनिट रक्त इक्ट्ठा किया गया। शिविर का शुभारंभ श्री कृष्ण बिहारी जी गिरधारी जी महाराज का बड़ा मंदिर के महंत डॉ जुगल किशोर शरण महाराज एवं फुलेरा विधायक निर्मल कुमावत द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
इस अवसर पर महंत महाराज ने कहा कि लोगों द्वारा रक्त दान (Blood Donation Camp) करने से दिल की सेहत में सुधार, दिल की बीमारियों और स्ट्रोक के खतरे को कम माना जाता है। खून में आयरन की ज्यादा मात्रा दिल के दौरे के खतरे को बढ़ा सकती है। लेकिन नियमित रूप से रक्तदान करने से आयरन की अतिरिक्त मात्रा नियंत्रित हो जाती है। जो दिल की सेहत के लिए अच्छी है।
उन्होंने बताया कि कई बार मरीजों के शरीर में खून की मात्रा इतनी कम हो जाती है कि उन्हें किसी और व्यक्ति से ब्लड लेने की आवश्यकता पड़ जाती है। ऐसी ही इमरजेंसी स्थिति में खून की आपूर्ति के लिए लोगों को रक्तदान (Blood Donation Camp) करने के लिए आगे आना चाहिए। इससे जरुरत मंद की मदद हो सकेगी।
फुलेरा विधायक निर्मल कुमावत ने क्लब द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर (Blood Donation Camp) की सराहना करते हुए आयोजन की सफलता के लिए क्लब सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया शिविर में युवाओं के साथ साथ महिला एवं पुरुषों ने भी जबरदस्त उत्साह दिखाया। माहेश्वरी महिला मंडल, आंगनबाडी संगठन की महिला टीम रक्त दाताओं की सेवा में जुटी रही। शिविर के दौरान रक्त दाताओं का रेनवाल क्लब एवम् भाटी चैरीटेबिल ट्रस्ट द्वारा टीशर्ट से सम्मान भी किया गया।इस अवसर पर क्लब अध्यक्ष धर्मेन्द्रसिंह शेखावत एवं टीम द्वारा आगंतुक अतिथियों का माल्यार्पण कर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर राजस्थान प्रशासनिक न्यायधीश अधिकारी न्यायिक प्राधिकरण के सदस्य एवं पूर्व जयपुर जिला कलेक्टर जगरूप सिंह यादव, उप जिला प्रमुख मोहन डागर, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अमित पूनिया, युवा कांग्रेसी भंवर लाल सारण, पालिका अध्यक्ष अमित ओसवाल, व्यापार महासंघ के अध्यक्ष अशोका असावा, पूर्व पार्षद गायत्री खटनावलिया, पार्षद कंचन कुमावत, भाजपा एससी मोर्चा अध्यक्ष संतोष सांखला सहित अनेक लोग उपस्थित थे। (विष्णु जाखोटिया की रिपोर्ट )