
जयपुर। बुधवार को स्वायत्त शासन मंत्री (Urban Development and Housing Department Minister) शांती कुमार धारीवाल ने राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Legislative Assembly) में बताया कि शराब (Liquor) की दुकानों के संचालन के लिए जिन स्थानों को आबकारी विभाग द्वारा मंजूरी दी गई है उन निर्धारित निश्चित स्थानों के अलावा कोई भी दुकान के संचालन का प्रकरण सामने नहीं आया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि फिर भी कोई प्रकरण सामने आयेगा तो जांच करा ली जायेगी।
धारीवाल ने प्रश्नकाल में विधायक प्रताप लाल भील के पूरक प्रश्न का आबकारी मंत्री की ओर से जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि शराब (Liquor) की दुकान संचालकों की ओर से नियमों की अवहेलना करने पर दो तरह की कार्यवाही होती है। इसमें एक तो गिरफ्तारी कर चालान पेश किया जाता है। दूसरी में, कंपाउंड (अवहेलना पर जुर्माना राशि लेकर छोड़ना) भी किया जाता है।
उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र गोगुंदा में अवैध शराब (Liquor) बिक्री के 355 प्रकरणों में सबके खिलाफ चालान पेश हुए है और कई गिरफ्तार भी किये गये है। धारीवाल ने बताया कि निर्धारित समय के बाद दुकान खोलने के प्रकरणों को ’ब्रीच ऑफ लाइसेंस कंडीशंस’ माना जाता है। कंपाउंट करने का नियम सभी नियमों की अवहेलना पर होता है।
शराब की दुकानों पर शराब (Liquor) की तय दर से ज्यादा राशि लेने के 53 प्रकरण दर्ज है:
इससे पहले विधायक (MLA) भील के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में धारीवाल ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र गोगुंदा में आबकारी विभाग (Excise Department) द्वारा विगत 5 वर्ष में शराब की दुकानों पर शराब (Liquor) की तय दर से ज्यादा राशि लेने के 53 प्रकरण दर्ज है। निर्धारित समय के बाद दुकान खोलने के 3 प्रकरण और अवैध शराब बिक्री के 355 प्रकरण दर्ज किये गये है।