
जयपुर। चौमूं नगरपालिका (Municipality) में जब से कांग्रेस बोर्ड बना है तब से विवाद का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। चाहे वो जनहित के मुद्दे हो या फिर संगठन के या फिर कार्यशैली को लेकर। बोर्ड बनने के बाद से ही नगरपालिका में अधिशाषी अधिकारियों (Executive Officer) के एपीओ का सिलसिला भी जारी है।
कभी पार्किंग को लेकर तो कभी अपनी ही पार्टी के उपाध्यक्ष को सीट नहीं देने को लेकर नगरपालिका (Municipality) विवादों में रही है। आज एक बार फिर अधिशाषी अधिकारी (EO) हेमेंद्र कुमार को एपीओ (APO) कर दिया गया। युवा अधिशाषी अधिकारी के एपीओ किए जाने को लेकर शहर चर्चाए गर्म है। जिस किसी ने भी इस आदेश के बारे में सुना दंग रह गया। अब उनकी जगह डीएलबी डायरेक्टर हृदेश कुमार ने सादड़ी से भवरा राम को लगाया है।
क्या नगरपालिका (Municipality) उपाध्यक्ष को कक्ष व सीट देने की मिली सजा !
युवा अधिशाषी अधिकारी हेमेंद्र कुमार की कार्यशैली से पार्षद ही नहीं आमजन भी काफी प्रभावित थे। पालिका में कोई भी उनके पास समस्या लेकर गया तो सकारात्मक रवैया अपनाते हुए उस व्यक्ति की हर संभव सहायता की। उनके एपीओ किए जाने के पीछे नगरपालिका में सवा साल बाद नगरपालिका (Municipality) उपाध्यक्ष किरण शर्मा को कक्ष उपलब्ध करवाना माना जा रहा है। कल ही गणगौर पर महिला उपाध्यक्ष को अधिशाषी अधिकारी ने नगरपालिका में जनसुनवाई के लिए कक्ष उपलब्ध करवाया था। जिससे जनप्रतिनिधि आमजन की समस्याए सुन उनकी सहायता कर सके।