
जयपुर। मरु महोत्सव (Maru Mahotsav) के अन्तर्गत सोमवार को जैसलमेर (Jaisalmer) के सोनार दुर्ग (Sonar Durg) से पूनमसिंह स्टेडियम तक निकली मनोहारी शोभायात्रा (Shobha Yatra) ने जैसलमेर के बाशिन्दों से लेकर पर्यटकों तक को मरु संस्कृति की झलक दिखाकर अभिभूत कर दिया। शोभायात्रा (Shobha Yatra) की झलक पाने मार्ग के दोनों तरफ तथा भवनों की छतों पर सैलाब उमड़ पड़ा।
सोनार दुर्ग की अखे प्रोल से जिला कलक्टर डॉ. प्रतिभा सिंह एवं सभापति हरिवल्लभ कल्ला ने हरी झंडी दिखा कर लोक संस्कृति और की परंपराओं क की प्रतिदर्श भव्य शोभा यात्रा (Shobha Yatra) का आगाज किया। रास्ते भर में शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया।
शोभायात्रा (Shobha Yatra) में देश के विभिन्न हिस्सों से आए लोक कलाकार अपने क्षेत्र की संस्कृति एवं नाच-गान प्रस्तुत करते हुए चलते रहे। जैसलमेर में श्री लक्ष्मीनाथजी की महाआरती से हुई मरु महोत्सव के रंगारंग कार्यक्रमों की शुरूआत जैसलमेर में विश्वविख्यात मरु महोत्सव के आयोजनों की शुरूआत श्री लक्ष्मीनाथ मन्दिर में महा आरती से हुई और इसके बाद सोनार दुर्ग से शोभायात्रा निकली।
शोभायात्रा (Shobha Yatra) में देश के विभिन्न हिस्सों से आए लोक कलाकार अपने क्षेत्र की संस्कृति एवं नाच-गान प्रस्तुत करते हुए चलते रहे। जैसलमेर में श्री लक्ष्मीनाथजी की महाआरती से हुई मरु महोत्सव के रंगारंग कार्यक्रमों की शुरूआत जैसलमेर में विश्वविख्यात मरु महोत्सव के आयोजनों की शुरूआत श्री लक्ष्मीनाथ मन्दिर में महा आरती से हुई और इसके बाद सोनार दुर्ग से शोभायात्रा निकली।
श्री लक्ष्मीनाथ मन्दिर में महा आरती से सोमवार के विभिन्न आयोजनों का शुभारंभ हुआ। पूर्व राजपरिवार से चौतन्यराजसिंह महारावल द्वारा प्रभु श्रीलक्ष्मीनाथजी की महाआरती की गई।
बीएसएफ के सजे-धजे ऊंट व इन पर सवार बीएसएफ (BSF) के जांबाज, केमल माउण्टेन बैंड वादकों का समूह, मंगलकलश लिए बालिकाएं, लोक कलाकारों का कारवां दुर्ग से निकल कर मुख्य मार्ग से होता हुआ शहीद पूनमसिंह स्टेडियम पहुंच कर शानदार समारोह में परिवर्तित हुआ।
शहर वासियों ने कतारें लगाकर शोभायात्रा (Shobha Yatra) का लुत्फ उठाया:
शहर की हृदय स्थली गोपा चौक से होती हुई यह यात्रा मुख्य बाजार, जिंदानी चौक, सदर बाजार, गांधी चौक, होते हुए हनुमान चौराहा से निकल कर शहीद पूनमसिंह स्टेडियम पहुंची। शहर वासियों ने कतारें लगाकर शोभायात्रा का लुत्फ उठाया वहीं पुष्पवर्षा कर विभिन्न प्रतियोगिताओं के संभागियों का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत के साथ ही हौसला अफजाई की।
शोभायात्रा में श्रृंगारित ऊँटों पर सवार रौबीले मरु श्री एवं इस प्रतियोगिता के प्रतिभागी, मिस ऊँटों एवं ऊँट गाड़ों पर सवार पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित मिस मूमल एवं महेन्दा के प्रतियोगी और विभिन्न झांकियां आकर्षण का केन्द्र रहीं। लोक कलाकारों के कई जत्थों ने रास्ते भर लोक नृत्यों और लोक वाद्यों से लय-ताल की धूम मचाते हुए मरु संस्कृति और राजस्थानी परंपराओं का दिग्दर्शन कराया।
महाआरती में जिला कलक्टर डॉ. प्रतिभा सिंह, जिला पुलिस अधीक्षक भंवरसिंह नाथावत, मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. टी. शुभमंगला, अतिरिक्त जिला कलक्टर हरि सिंह मीना, नगर परिषद सभापति हरिवल्लभ कल्ला, पूर्व जिला प्रमुख अंजना मेघवाल, महारावल परिवार से राजमाता रासेश्वरी राज्यलक्ष्मी एवं श्रीमती रश्मि कंवर(मयूरभंज उड़ीसा), जिला बीसूका क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष एवं यूआईटी के पूर्व चौयरमेन उम्मेदसिंह तंवर, जैसलमेर विकास समिति के सचिव चन्द्रप्रकाश व्यास, केपीएस के विमल गोपा सहित जनप्रतिनिधिगण, प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारीगण, रंगकम एवं साहित्यकार विजय बल्लाणी सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, कलाकार, गणमान्य नागरिक एवं पर्यटक उपस्थित थे।
इस दौरान मन्दिर परिसर से बाहर लोक कलाकारों के समूहों ने लोकवाद्यों की सुमधुर स्वर लहरियों पर नृत्य एवं गायन की प्रस्तुति की।