
चौमूं (जयपुर) । चौमूं उपखंड के सामोद थाना क्षेत्र स्थित सामोद पर्वत पर देर रात अचानक आग लग गई। आग (Fire) ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया । सामोद पर्वत पर लगी आग (Fire) आसपास के कई गांवों से साफ दिखाई दे रही थी। आसपास के ग्रामीणों ने जब पर्वत पर आग की लपटें देखी तो अफरा-तफरी का माहौल मच गया। देखते ही देखते पहाड़ी पर लगी आग की खबर सामोद पर्वत के चारों ओर बसे गांवों में फैल गई।
सामोद पर्वत पर लगी आग (Fire) को बुझाने के लिए ग्रामीणों ने अपने स्तर पर ही व्यवस्थाएं कर आग बुझाने के प्रयास किए। आप की भनक लगते ही आसपास के सैकड़ों युवक मौके पर आग बुझाने के लिए पहुंच गए। लेकिन कड़ी मशक्कत के बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका। ग्रामीणों का कहना है कि आग देखते ही देखते करीब 5 किलोमीटर के क्षेत्र में फैल गई।
सामोद के पूर्व सरपंच दिनेश चतुर्वेदी ने बताया कि मंगलवार रात को करीब 9 बजे पहाड़ से आग की लपटें उठती दिखाई दी। जब मुझे आग के बारे में पता चला तो मैंने स्थानीय ग्रामीणों को सूचना दी लेकिन उससे पहले ही सैकड़ों युवक आग (Fire) बुझाने के लिए पहाड़ पर जा लगे थे। मैं भी मौके पर पहुंचा ।
उन्होंने बताया कि नांगल भरडा वीर हनुमान मंदिर से सामोद की तरफ पहाड़ी पर स्थित पीपल के पेड़ से लेकर पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास तक आग फैल गई थी। आग के कारणों का पता नहीं लग पाया है लेकिन संभवतया सूखी घास पर किसी ने बीड़ी या सिगरेट डाल दी जिससे आग धीरे-धीरे पूरे पहाड़ पर फैल गई।
ग्रामीणों ने आग (Fire) की सूचना प्रशासन व दमकल विभाग को दी। प्रशासन और दमकल के मौके पर पहुंचने से पहले ही आसपास के गांव के सैकड़ों युवक आग बुझाने के लिए सामोद पर्वत पर पहुंचे और आग बुझाने के प्रयास किए लेकिन काफी मशक्कत के बाद भी आग पर काबू नहीं पा सके।
सूचना पर अग्निशमन अधिकारी सुरेश यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के सहयोग से आग बुझाने के प्रयास किए। रात 2 बजे तक आग पर बड़ी मुश्किल से काबू पाया गया। अग्निशमन अधिकारी सुरेश यादव ने बताया कि आग के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है । लेकिन संभवतया आग (Fire) बीड़ी या सिगरेट डालने से फैली है। आग पर्वत के 2 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली थी।
पहले भी लग चुकी है कई बार आग (Fire):-
सामोद पर्वत पर आग की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार आग की घटना हो चुकी है । स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इतनी लंबी दूरी में आ गई है पहली बार लगी है। वही आग (Fire) से भारी नुकसान भी हुआ है । आंख से पहाड़ों पर दिल्ली कई किलोमीटर की सूखी घास पूरी तरह से जलकर राख हो गई है। जिससे मवेशियों के सामने आने वाले दिनों में चारे की एक बड़ी समस्या होने वाली है।
आसपास के सैकड़ों गांव के मवेशी व चरवाहे सामोद पहाड़ी पर अपने जानवरों को चराने के लिए लाते हैं । ऐसे में अब इन लोगों के सामने पशुपालन में एक बड़ी समस्या खड़ी होने वाली है । आग (Fire) से पेड़ों को भारी नुकसान पहुंचा है। आपको बता दें कि विधायक रामलाल शर्मा की टीम व समाजसेवी संस्थाओं द्वारा प्रतिवर्ष अपनी टीम के द्वारा सामोद पर्वत व आसपास के क्षेत्र में वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान वृक्षारोपण किया जाता है ।