
जयपुर। मुख्य सचिव (Chief Secretary) श्रीमती उषा शर्मा ने कहा कि प्रदेश में संचालित आपातकालीन नंबर 100 एवं 108 को राष्ट्रीय आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली (National Emergency Response System) 112 के साथ एकीकृत किया जाएगा, लेकिन यह नंबर भी काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि लोगों को 100 व 108 नंबर अच्छी तरह से याद हैं, अतः इन नंबर को आपात स्थिति के लिए काम में लिया जाता रहेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति के लिए 112 भी डायल किया जा सकेगा।
मुख्य सचिव (Chief Secretary) श्रीमती शर्मा आज गुरुवार को शासन सचिवालय (Government Secretariat) में आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली के क्रियान्वयन के लिए गठित स्टेट अपेक्स कमेटी (State Apex Committee) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं।
मुख्य सचिव (Chief Secretary) ने निर्देश दिए कि प्रदेश में संचालित विभिन्न आपातकालीन नंबर 100,101,102,108,1090 (महिला हेल्पलाइन), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) को 112 के साथ एकीकृत किया जाए।
इस अवसर पर मुख्य सचिव (Chief Secretary) ने कहा कि प्रदेश में संचालित चारों टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर बीएसएनल, एयरटेल, जिओ, वोडाफोन-आइडिया आपातकालीन नंबर पर कॉल करने की स्थिति में कॉल करने वाले की लोकेशन प्रदान करने की सेवाएं प्रदान करें ताकि आपात स्थिति में सहायता त्वरित गति से सटीक स्थान पर पहुंच सके। उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया।
श्रीमती शर्मा ने कहा कि बजट घोषणा 2022-23 के अनुरूप प्रदेश में 108 एंबुलेंस की तर्ज पर शीघ्र ही 500 पुलिस मोबाइल यूनिट का गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि ये मोबाइल यूनिट, फर्स्ट इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम के रूप कार्य करेंगी और व्यक्ति के पास पहुंच कर सहायता उपलब्ध कराएंगी। उन्होंने कहा कि इन मोबाइल यूनिट की विशेष ब्रांडिंग भी की जानी चाहिए ताकि इनकी विशिष्ट पहचान बन सके और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सहायता प्रणाली उपलब्ध करवाई जा सके।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह अभय कुमार, प्रमुख शासन सचिव वित्त अखिल अरोड़ा, शासन सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग दिनेश यादव, शासन सचिव आपदा प्रबंधन आशुतोष पेडणेकर, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस तकनीकी सेवाएं सुनील दत्त उपस्थित थे।