
हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) का विशेष महत्व है। गणेश चतुर्थी हिन्दुओ का प्रमुख त्योहार है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी मनाते हैं। गणेश चतुर्थी का त्योहार (Festival) अगस्त या सितम्बर महीने में आता है। सभी देवों में प्रथम आराध्य देव श्री गणेश की पूजा (Worship) करने और उन्हें प्रसन्न करने का यह त्योहार इस साल 10 सितंबर से शुरू हो रहा है। इस दिन भगवान गणेश विराजेंगे और 19 सितंबर यानी अनंत चतुर्दशी के दिन उन्हें विदा किया जाएगा।
भारत में लोग गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) को बहुत उत्साह के साथ मनाते हैं। इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है। यह त्योहार मुख्य रूप से महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में मनाया जाता है। बहुत सारे लोग इस त्योहार के दौरान भगवान गणेश की मूर्ति को अपने घर लाते हैं।
अनंत चतुर्दशी पर भगवान गणेश को विदाई दी जाती है। विदाई के दिन लोग उनसे अगले साल जल्द लौटने की दुआ भी करते हैं। कुछ लोग इस त्योहार को सिर्फ दो दिन के लिए मनाते हैं तो कुछ इसे पूरे दस दिनों तक मनाते हैं। इसे गणेश महोत्सव (Ganesh Festival) भी कहते हैं।
भगवान गणेश (God Ganesh) की पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले गणेश जी की पूजा की जाती है। इसलिए गणेश चतुर्थी का भी विशेष महत्व है। भगवान गणेश बुद्धि के दाता है। इसके साथ ही उन्हें विघ्नहर्ता भी कहा गया है, जिसका अर्थ होता है संकटों को हरने यानि दूर करने वाले।
गणेश चतुर्थी का शुभ मुहूर्त (Ganesh Chaturthi 2021 Muhurat):
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, भगवान गणेश की कृपा से सुख-शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) के दिन व्यक्ति को काले और नीले रंग के वस्त्र धारण नहीं करने चाहिए। इस दिन लाल या पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ होता है। गणेश चतुर्थी पूजन का शुभ मुहर्त दोपहर 12:17 बजे शुरू होकर और रात 10 बजे तक रहेगा।
मध्याह्न गणेश पूजा मुहूर्त- प्रातः 11:03 से दोपहर 01:32 बजे तक
चतुर्थी तिथि शुरू- 10 सितंबर 2021, को दोपहर 12:18 बजे
चतुर्थी तिथि समाप्त- 10 सितंबर 2021, को रात 09:57 बजे
ऐसा माना जाता है कि भगवान गणेश की विधिवत पूजा करने से सभी समस्याओं का समाधान होता है। भगवान गणेश की मूर्ति, पानी का बर्तन, ‘पंचामृत’, लाल कपड़ा, ‘रोली’, ‘अक्षत’, ‘कलावा जनेऊ’, इलायची, नारियल, ‘चंडी का वर्क’, ‘सुपारी’, ‘लौंग’, पंचमेवा, ‘घी’ पूजा को पूरा करने के लिए कपूर’, ‘चौकी’ और ‘गंगाजल’ इकट्ठा करने की जरूरत है।
गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2021) पर भूलकर भी ना देखें चंद्रमा:
गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) के दिन चंद्रमा को नहीं देखना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से आप पर झूठा आरोप या कलंक लग सकता है। आपको बता दें कि गणेश चतुर्थी को कलंक चतुर्थी, कलंक चौथ और पत्थर चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। वही दूज का चंद्रमा देखना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि दूज का चन्द्रमा देखने से झूठे आरोप नहीं लगते।