<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>holika dahan puja vidhi &#8211; The News World 24</title>
	<atom:link href="https://thenewsworld24.com/tag/holika-dahan-puja-vidhi/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://thenewsworld24.com</link>
	<description>Hindi News, Samachar, Breaking News, ताज़ा हिंदी समाचार</description>
	<lastBuildDate>Sun, 05 Mar 2023 09:57:45 +0000</lastBuildDate>
	<language>hi-IN</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.6.4</generator>

<image>
	<url>https://thenewsworld24.com/wp-content/uploads/2022/01/cropped-The-News-World-24-Favicon-Red-32x32.png</url>
	<title>holika dahan puja vidhi &#8211; The News World 24</title>
	<link>https://thenewsworld24.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>होलिका दहन (Holika Dahan 2023):  होली 06 मार्च को या 07 मार्च को ? जानें कब है होली दहन का मुहूर्त ? देखें video</title>
		<link>https://thenewsworld24.com/news/devotional-news/holi-is-on-march-06-or-march-07-know-when-is-the-auspicious-time-for-holi-dahan/10923/</link>
					<comments>https://thenewsworld24.com/news/devotional-news/holi-is-on-march-06-or-march-07-know-when-is-the-auspicious-time-for-holi-dahan/10923/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[The News World 24]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Feb 2023 16:40:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Devotional News]]></category>
		<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[Dhulandi]]></category>
		<category><![CDATA[Holashtak]]></category>
		<category><![CDATA[holi]]></category>
		<category><![CDATA[Holi 2023]]></category>
		<category><![CDATA[holika]]></category>
		<category><![CDATA[Holika Dahan 2023]]></category>
		<category><![CDATA[holika dahan date]]></category>
		<category><![CDATA[holika dahan puja vidhi]]></category>
		<category><![CDATA[holika dahan shubh muhurat]]></category>
		<category><![CDATA[Lord Vishnu]]></category>
		<category><![CDATA[Poornima]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thenewsworld24.com/?p=10923</guid>

					<description><![CDATA[Holi 2023: प्रत्येक वर्ष फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा (Poornima) तिथि को होलिका दहन (Holika Dahan 2023) किया जाता है। इसके अगले दिन रंगवाली होली (Holi) या धुलण्डी&#8230; ]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full is-resized"><img fetchpriority="high" decoding="async" src="https://thenewsworld24.com/wp-content/uploads/2023/02/holi-2023.jpg" alt="होलिका दहन (Holika Dahan 2023): होली (Holi) 07 मार्च को है या 08 मार्च को ? जानें कब है होली दहन का मुहूर्त ? " class="wp-image-10928" width="926" height="521" title="The News World 24" srcset="https://thenewsworld24.com/wp-content/uploads/2023/02/holi-2023.jpg 800w, https://thenewsworld24.com/wp-content/uploads/2023/02/holi-2023-300x169.jpg 300w, https://thenewsworld24.com/wp-content/uploads/2023/02/holi-2023-768x432.jpg 768w, https://thenewsworld24.com/wp-content/uploads/2023/02/holi-2023-150x84.jpg 150w" sizes="(max-width: 926px) 100vw, 926px" /><figcaption class="wp-element-caption"><strong>होलिका दहन (Holika Dahan 2023): होली (Holi) 07 मार्च को है या 08 मार्च को ? जानें कब है होली दहन का मुहूर्त ? </strong></figcaption></figure></div>


<p>Holi 2023: प्रत्येक वर्ष फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा (Poornima) तिथि को होलिका दहन (Holika Dahan 2023) किया जाता है। इसके अगले दिन रंगवाली होली (Holi) या धुलण्डी (Dhulandi) खेली जाती है। देशभर में होली का <a href="https://thenewsworld24.com/news/devotional-news/worship-of-holika-at-inappropriate-time-will-have-to-face-these-troubles/9013/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">त्यौहार (Festival)</a> अलग-अलग रूप में मनाया जाता है। होली पर्व की शुरुआत पूर्णिमा तिथि के शाम से हो जाती है। इस विशेष पर्व देश के अलग अलग कोनो में अलग-अलग नामो से जाना जाता है। इस वर्ष होली की सही तिथि को लेकर कई प्रश्न उठ रहे हैं कि होली 6 मार्च, 07 मार्च को है या 08 मार्च? आइए जानते हैं, क्या है होली की सही तिथि?</p>



<h2 class="wp-block-heading">होली (Holi) का महत्व:</h2>



<p>हिन्दू धर्म में होली (Holi) महापर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सभी लोग आपस के मतभेद को भुलाकर रंगों के इस त्योहार को एक साथ मनाते हैं और एक दूसरे को रंग लगाकर बधाई देते हैं। अध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी इस दिन का विशेष महत्व है। इस विशेष दिन पर हनुमान जी की उपासना के साथ कुल देवी-देवताओं की उपासना करने से साधक को बहुत लाभ मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस वर्ष रंगवाली होली बुधवार के दिन खेली जाएगी। इसलिए इस विशेष दिन पर होली खेलने से पहले गौरी पुत्र गणेश जी उपासना करना न भूलें। ऐसा करने से व्यक्ति को धन-धान्य की प्राप्ति होती है और जीवन से सभी संकट दूर हो जाते हैं। </p>



<p>हिंदू धार्मिक मान्यता के अुनसार होली (Holi) का संबंध होलिका और प्रहलाद की कथा से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि इसी दिन जब भगवान श्री विष्णु (Lord Vishnu) के परम भक्त को जलाकर खत्म करने के लिए होलिका अग्नि में बैठी तो श्री हरि की कृपा से प्रहलाद को कुछ भी नहीं हुआ और वे सकुशल बाहर निकल आए लेकिन होलिका उसी अग्नि में भस्म होकर राख हो गई। हिंदू मान्यता के अनुसार पौराणिक काल में होली के 8 दिन पहले से प्रहलाद को यातनाएं देना प्रारंभ हुआ था, इसीलिए होलिका दहन से आठ दिन पहले से होलाष्टक लग जाता है और इसमें किसी भी शुभ कार्य को करने की मनाही होती है। </p>



<h2 class="wp-block-heading">इस दिन से लगेगा होलाष्टक:</h2>



<p>पंचांग के अनुसार साल 2023 में होलाष्टक (Holashtak) 27 फरवरी 2023 से प्रारंभ होकर 08 मार्च 2023 तक रहेगा। हिंदू मान्यता के अनुसर इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। होलिका (Holika) और प्रहलाद के अलावा होलाष्टक से जुड़ी एक कथा और कही जाती है। जिसके अनुसार एक बार इंद्रदेव के कहने पर कामदेव ने भगवान शिव की तपस्या को भंग कर दिया था, जिससे नाराज होकर भगवान शिव ने अपने तीसरे नेत्र से कामदेव को भस्म कर दिया था। जिस दिन महादेव ने कामदेव को भस्म किया वो फाल्गुन मास की अष्टमी तिथि थी। इसके बाद कामदेव की पत्नी रति ने उसी दिन से लगातार 8 दिन तक कठिन तपस्या की और महादेव को प्रसन्न करके अपने पति कामदेव को दोबारा जीवित करने का वर प्राप्त किया। इसी आठ दिन को हिंदू धर्म में होलाष्टक कहा जाता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">होली (Holi 2023) कब है?</h2>



<p>हिन्दू पंचांग के अनुसार फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 06 मार्च 2023 को दोपहर 02 बजकर 47 मिनट से शुरू होगी और इसका समापन 07 मार्च 2023 शाम 04 बजकर 39 मिनट पर होगा। इसी दिन प्रदोषकाल है। चूंकि 6 मार्च को आधी रात के बाद तक भद्रा पक्ष होने के कारण इसी दिन गोधुली वेला में प्रदोष काल के दौरान होलीका दहन श्रेष्ट और शास्त्र सम्मत है। कुछ का मानना है की इस दिन भद्रा का साया रहेगा, जिस वजह से 07 मार्च 2023 की शाम के समय होलिका दहन किया जाएगा और अगले दिन 08 मार्च 2023, बुधवार के दिन रंगवाली होली खेली जाएगी। होली दहन का मुहूर्त 7 मार्च शाम 6:23 से लेकर 8:51 तक रहेगा, होलिका दहन अवधि या शुभ मुहूर्त करीब 2.27 मिनट तक रहेगा। कई राज्यों में होली दहन 6 मार्च को है तो कुछ राज्यों में 7 मार्च को हो। राजस्थान में होली दहन 6 मार्च को है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">इस तरह होता है होलिका दहन (Holika Dahan 2023):</h2>



<p>होली (Holi) के अवसर पर किसी पार्क, चौराहों या फिर खुले स्थान पर लकड़ियों को इकट्ठा किया जाता है। हालांकि, यह तैयारियां कुछ दिन पहले से ही शुरू हो जाती हैं। वहीं, छोटी होली के अवसर पर महिलाएं दोपहर में इसकी पूजा करती हैं और शाम को शुभ मुहुर्त पर होलिका दहन किया जाता है। ऐसे में होलिका दहन पर भी लोग एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं देते हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">वीडियो के माध्यम से देखें पूरी खबर…</h2>



<figure class="wp-block-embed is-type-video is-provider-youtube wp-block-embed-youtube wp-embed-aspect-16-9 wp-has-aspect-ratio"><div class="wp-block-embed__wrapper">
<iframe title="6 मार्च या 7 मार्च... आखिर कब है होली? The News World 24 Plus" width="1110" height="624" src="https://www.youtube.com/embed/cZcAjGA6TNo?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" allowfullscreen></iframe>
</div></figure>



<p>(Disclaimer: इस स्टोरी (लेख) में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित हैं। यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। thenewsworld24 .com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें।)</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://thenewsworld24.com/news/devotional-news/holi-is-on-march-06-or-march-07-know-when-is-the-auspicious-time-for-holi-dahan/10923/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>तीन दिन का त्योहार है होली, समय के साथ बदली रंगों की परिभाषा !</title>
		<link>https://thenewsworld24.com/news/devotional-news/holi-is-a-three-day-festival/8994/</link>
					<comments>https://thenewsworld24.com/news/devotional-news/holi-is-a-three-day-festival/8994/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[The News World 24]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 15 Mar 2022 03:11:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Devotional News]]></category>
		<category><![CDATA[Article]]></category>
		<category><![CDATA[festival]]></category>
		<category><![CDATA[Gulal]]></category>
		<category><![CDATA[holi]]></category>
		<category><![CDATA[holi 2022]]></category>
		<category><![CDATA[holika dahan]]></category>
		<category><![CDATA[holika dahan puja vidhi]]></category>
		<category><![CDATA[holika dahan shubh muhurat]]></category>
		<category><![CDATA[jaipur]]></category>
		<category><![CDATA[Jaipur News]]></category>
		<category><![CDATA[rajasthan]]></category>
		<category><![CDATA[Rajasthan News]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thenewsworld24.com/?p=8994</guid>

					<description><![CDATA[पहले, होली (Holi) के रंगों को ’टेसू’ या ’पलाश’ के पेड़ से बनाया जाता था और गुलाल (Gulal) के रूप में जाना जाता था। रंग त्वचा के लिए बहुत अच्छे&#8230; ]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<div class="wp-block-image"><figure class="aligncenter size-full is-resized"><img decoding="async" src="https://thenewsworld24.com/wp-content/uploads/2022/03/holi-ke-ranga-15-03-2022-The-News-World-24.jpg" alt="एक दिन का नहीं तीन दिन का त्योहार है होली (Holi), समय के साथ बदली रंगों की परिभाषा!" class="wp-image-8995" width="918" height="516" title="The News World 24" srcset="https://thenewsworld24.com/wp-content/uploads/2022/03/holi-ke-ranga-15-03-2022-The-News-World-24.jpg 800w, https://thenewsworld24.com/wp-content/uploads/2022/03/holi-ke-ranga-15-03-2022-The-News-World-24-300x169.jpg 300w, https://thenewsworld24.com/wp-content/uploads/2022/03/holi-ke-ranga-15-03-2022-The-News-World-24-768x432.jpg 768w, https://thenewsworld24.com/wp-content/uploads/2022/03/holi-ke-ranga-15-03-2022-The-News-World-24-150x84.jpg 150w" sizes="(max-width: 918px) 100vw, 918px" /><figcaption><strong>एक दिन का नहीं तीन दिन का त्योहार है होली (Holi), समय के साथ बदली रंगों की परिभाषा!</strong></figcaption></figure></div>



<p>पहले, होली (Holi) के रंगों को ’टेसू’ या ’पलाश’ के पेड़ से बनाया जाता था और गुलाल (Gulal) के रूप में जाना जाता था। रंग त्वचा के लिए बहुत अच्छे हुआ करते थे क्योंकि इन्हें बनाने के लिए किसी रसायन का इस्तेमाल नहीं किया जाता था। लेकिन त्योहारों की सभी परिभाषाओं के बीच, समय के साथ रंगों की परिभाषा बदल गई है।</p>



<p>आज लोग रसायनों से बने कठोर रंगों का उपयोग करने लगे हैं। होली (Holi) खेलने के लिए भी तेज रंगों का उपयोग किया जाता है, जो खराब हैं और यही कारण है कि बहुत से लोग इस त्योहार को मनाने से बचते हैं। हमें इस पुराने त्योहार का आनंद उत्सव की सच्ची भावना के साथ लेना चाहिए।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>एक दिन का नहीं तीन दिन का त्योहार है होली (Holi):</strong></h2>



<p>साथ ही, <a href="https://thenewsworld24.com/article/holi-is-known-by-so-many-names/8988/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">होली (Holi)</a> एक दिन का&nbsp;त्योहार&nbsp;नहीं है जैसा कि भारत के अधिकांश राज्यों में मनाया जाता है, लेकिन यह तीन दिनों तक मनाया जाता है।</p>



<p>दिन 1 –&nbsp;पूर्णिमा के दिन (होली पूर्णिमा) एक थाली में छोटे पीतल के बर्तनों में रंगीन पाउडर और पानी की व्यवस्था की जाती है। उत्सव की शुरुआत सबसे बड़े पुरुष सदस्य के साथ होती है जो अपने परिवार के सदस्यों पर रंग छिड़कता है।</p>



<p>दिन 2-&nbsp;इसे ‘पुणो’ के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन होलिका की प्रतिमाएं जलाई जाती हैं और लोग होलिका और प्रहलाद की कहानी को याद करने के लिए अलाव जलाते हैं। अपने बच्चों के साथ माताएं अग्नि के देवता का आशीर्वाद लेने के लिए पांच राउंड की अग्नि को एक दक्षिणावर्त दिशा में ले जाती हैं।</p>



<p>दिन 3-&nbsp;इस दिन को ‘पर्व’ के रूप में जाना जाता है और यह होली (Holi) के <a href="https://thenewsworld24.com/news/devotional-news/know-when-is-the-date-of-diwali-worship-and-auspicious-time-for-lakshmi-puja/6508/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">उत्सव (Festival)</a> का अंतिम और अंतिम दिन होता है। इस दिन एक दूसरे पर रंगीन पाउडर और पानी डाला जाता है। राधा और कृष्ण के देवताओं की पूजा की जाती है और उन्हें रंगों से रंगा जाता है।</p>



<p><strong>पं. डॉ. राजेश्वर वशिष्ठ (चिनिया दास )<br>विश्व प्रसिद्ध भविष्य वक्ता<br>गोल्ड मेडलिस्ट वास्तु हस्तरेखा कुंडली फेस रीडर<br>8949440970<br>ज्योतिष संबंधी सभी जानकारियों को प्राप्त करने के लिए संपर्क करें</strong></p>



<p>(Disclaimer: इस स्टोरी (लेख) में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित हैं। यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। thenewsworld24 .com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें।)</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://thenewsworld24.com/news/devotional-news/holi-is-a-three-day-festival/8994/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Holi 2021 Shubh Muhurat: जानिए होलिका दहन का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि व क्यों मनाई जाती है होली</title>
		<link>https://thenewsworld24.com/news/devotional-news/holi-2021-auspicious-time-and-how-to-do-puja/3828/</link>
					<comments>https://thenewsworld24.com/news/devotional-news/holi-2021-auspicious-time-and-how-to-do-puja/3828/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[The News World 24]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Mar 2021 10:23:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Devotional News]]></category>
		<category><![CDATA[festival of colors]]></category>
		<category><![CDATA[holi]]></category>
		<category><![CDATA[holi 2021]]></category>
		<category><![CDATA[holika dahan]]></category>
		<category><![CDATA[holika dahan puja vidhi]]></category>
		<category><![CDATA[holika dahan shubh muhurat]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thenewsworld24.com/?p=3828</guid>

					<description><![CDATA[बड़ी होली से एक दिन पहले छोटी होली मनाई जाती है। छोटी होली (Holi 2021) वाले दिन होलिका दहन (Holika Dahan) करने की परंपरा है। इस बार ये पर्व 28 मार्च को मनाया जाएगा। शाम के समय प्रदोष काल में होली (Holi 2021) जलाई जाएगी। इसके बाद अगले दिन यानी 29 मार्च को रंगवाली होली (Holi 2021) खेली जाएगी। जिसे धुलेंडी नाम से भी जाना जाता है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<div class="wp-block-image"><figure class="aligncenter size-large is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://thenewsworld24.com/wp-content/uploads/2021/03/Holi-2021.jpg" alt="Holi 2021 Shubh Muhurat: जानिए होलिका दहन का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि व क्यों मनाई जाती है होली" class="wp-image-3832" width="630" height="630" title="The News World 24" srcset="https://thenewsworld24.com/wp-content/uploads/2021/03/Holi-2021.jpg 580w, https://thenewsworld24.com/wp-content/uploads/2021/03/Holi-2021-300x300.jpg 300w, https://thenewsworld24.com/wp-content/uploads/2021/03/Holi-2021-150x150.jpg 150w, https://thenewsworld24.com/wp-content/uploads/2021/03/Holi-2021-96x96.jpg 96w" sizes="(max-width: 630px) 100vw, 630px" /><figcaption><strong>Holi 2021 Shubh Muhurat: जानिए होलिका दहन का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि व क्यों मनाई जाती है होली</strong></figcaption></figure></div>



<p>बड़ी होली से एक दिन पहले छोटी होली मनाई जाती है। छोटी होली (Holi 2021) वाले दिन होलिका दहन (Holika Dahan) करने की परंपरा है। इस बार ये पर्व 28 मार्च को मनाया जाएगा। शाम के समय प्रदोष काल में होली (Holi 2021) जलाई जाएगी। इसके बाद अगले दिन यानी 29 मार्च को रंगवाली होली (Holi 2021) खेली जाएगी। जिसे धुलेंडी नाम से भी जाना जाता है।</p>



<p>होलिका दहन के दिन सुख समृद्धि और पारिवारिक उन्नति के लिए श्रद्धालु होलिका की पूजा कर करते हैं। कहते हैं होलिका मन की बुरी नहीं थी लेकिन अपने भाई हिरण्यकश्यप के प्रभाव की वजह से प्रहलाद को चिता पर लेकर बैठ गई थी ताकि प्रहलाद अग्नि में जल कर परलोक चला जाए । लेकिन दैवयोग से होलिका स्वयं जल कर मृत्यु को प्राप्त हो गई। ब्रह्माजी की कृपा से होलिका को भी पूजनीय स्थान प्राप्त हो गया और होलिका दहन के लिए इकट्ठी की गई लकड़ियों के बीच होलिका, भगवान विष्णु और अग्नि देव की पूजा की जाती है।</p>





<h2 class="wp-block-heading"><strong>पूजा विधि: </strong></h2>



<p>होलिका दहन जिस स्थान पर करना है उसे गंगाजल से पहले शुद्ध कर लें। वहां सूखे उपले, सूखी लकड़ी, सूखी घास आदि रखें। इसके बाद पूर्व दिशा की तरफ मुख करके बैठें। आप चाहें तो गाय के गोबर से होलिका और प्रहलाद की प्रतिमाएं भी बना सकते हैं। इसके साथ ही भगवान नरसिंह की पूजा करें। </p>



<p>पूजा के समय एक लोटा जल, माला, चावल, रोली, गंध, मूंग, सात प्रकार के अनाज, फूल, कच्चा सूत, गुड़, साबुत हल्दी, बताशे, गुलाल, होली (Holi 2021) पर बनने वाले पकवान व नारियल रखें। साथ में नई फसलें भी रखी जाती हैं। जैसे चने की बालियां और गेहूं की बालियां। कच्चे सूत को होलिका के चारों तरफ तीन या सात परिक्रमा करते हुए लपेटें। उसके बाद सभी सामग्री होलिका दहन की अग्नि में अर्पित करें।</p>



<div id="postAdvt1"> </div>



<p>ये मंत्र पढ़ें- <strong>अहकूटा भयत्रस्तैः कृता त्वं होलि बालिशैः । अतस्वां पूजयिष्यामि भूति-भूति प्रदायिनीम् ।।</strong> पूजन के पश्च्यात अर्घ्य अवश्य दें।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>होलिका दहन (Holika Dahan) का शुभ मुहूर्त:- </strong></h2>



<p>पंडित गुरु ज्योतिष आचार्य राजेश वशिष्ठ गोल्ड मेडलिस्ट के अनुसार होलिका दहन (Holika Dahan) फागुन शुक्ला की प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा को भद्रा रहित करना शास्त्रोक्त बताया गया है । इस वर्ष फाल्गुन शुक्ला पूर्णिमा रविवार दिनांक 28 मार्च 2021 को है तथा इस दिन भद्रा दोपहर बाद 1:52 तक है जिससे साईं काल में पूर्णिमा भद्रा से मुक्त है।</p>



<p>अतः दिनांक 28 मार्च रविवार को होली (Holi 2021) दहन गोद रूबेला में सूर्यास्त बाद करना श्रेष्ठ है जिसका समय जयपुर व कोटा में सायं काल 6:38 से 6:50 तक का रहेगा। जोधपुर में सायं काल 6:50 से 7:02 तक रहेगा। उदयपुर व श्रीगंगानगर में सांय काल 6:46 से 6:58 तक रहेगा। बीकानेर में सायं काल 6:48 से 7:00 बजे तक का रहेगा। अजमेर में सायं काल 6:42 से 6:54 तक रहेगा व दिल्ली में सायं काल 6:31 से 6:43 तक का रहेगा। </p>



<div id="postAdvt2"> </div>



<p>होलिका दहन शुभ मुहूर्त में करने की सलाह दी जाती है। भद्रा के समय में होलिका दहन नहीं किया जाता है। वहीं होलिका दहन के दिन शुभ योगों में से सर्वोत्तम योग सर्वार्थ सिद्धी योग भी लगा हुआ है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>होलिका दहन <strong>(Holika Dahan)</strong> कथा :</strong></h2>



<p>प्राचीन काल में हिरण्यकश्यप नाम का एक असुर था। उसने कठिन तपस्या कर भगवान ब्रह्मा जी को प्रसन्न कर वरदान प्राप्त कर लिया कि वह किसी मनुष्य द्वारा नहीं मारा जा सकेगा, न पशु, न दिन- रात में, न घर के अंदर न बाहर, न किसी अस्त्र और न किसी शस्त्र के प्रहार से। भगवान ब्रह्मा जी द्वारा दिए गए इस वरदान के कारण वह अहंकारी बन गया था, वह खुद को भगवान समझने लगा था। वह चाहता था कि सब भगवान की पूजा ना कर उसकी पूजा करें। उसने अपने राज्य में भगवान विष्णु की पूजा पर भी पाबंदी लगा दी थी। </p>



<p>हिरण्यकश्यप का पुत्र प्रह्राद विष्णु जी का परम उपासक था। हिरण्यकश्यप अपने बेटे के द्वारा भगवान विष्णु की आराधना करने पर बेहद नाराज रहता था, ऐसे में उसने उसे मारने का फैसला लिया। हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका से कहा कि वह अपनी गोद में प्रह्लाद को लेकर प्रज्जवलित आग में बैठ जाएं, क्योंकि होलिका को वरदान प्राप्त था कि वह अग्नि से नहीं जलेगी। जब होलिका ने ऐसा किया तो प्रह्लाद को कुछ नहीं हुआ और होलिका जलकर राख हो गई।</p>





<p>राजस्थान में नवविवाहित युवतियां होलिका दहन पर पूजा अर्चना कर दूसरे दिन यानी धुलेंडी से 16 दिन तक पूजे जाने वाले गणगौर (पार्वती के रूप) की पूजा शुरू करती हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>डिसक्लेमर:</strong></h2>



<p>&#8216;इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।&#8217;</p>


]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://thenewsworld24.com/news/devotional-news/holi-2021-auspicious-time-and-how-to-do-puja/3828/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
