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		<title>राजभवन में जीवंत हुई ‘धरोहर’: बागौर हवेली में राजस्थान वीथिका बनाए जाने के निर्देश</title>
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		<pubDate>Sun, 29 Nov 2020 15:58:04 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राज्यपाल कलराज मिश्र ने राजभवन प्रांगण में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक कला केन्द्र द्वारा आयोजित जलरंगो की राष्ट्रीय कार्यशाला ‘धरोहर’ (Heritage) के तहत सृजित कलाकृतियों का अवलोकन करने के बाद संबोधित किया । उन्होंने ‘धरोहर’ में गुलाबी नगरी जयपुर के अतीत और वर्तमान वैभव को प्रदर्शित करती कलाकारों की कलाकृतियों की सराहना करते हुए कहा कि कलाकार दृष्टा होता है। वह स्थान-विशेष के उन दृश्यों से भी देखने वाले का साक्षात्कार कराता है जो प्रायः देखने से छूट जाते हैं।]]></description>
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<div class="wp-block-image"><figure class="aligncenter size-large is-resized"><img fetchpriority="high" decoding="async" src="https://thenewsworld24.com/wp-content/uploads/2020/11/राजभवन-में-जीवंत-हुई-‘धरोहर-Heritage-बागौर-हवेली-में-राजस्थान-वीथिका-बनाए-जाने-के-निर्देश-29-11-2020.jpeg" alt="राजभवन में जीवंत हुई ‘धरोहर’ (Heritage) बागौर हवेली में राजस्थान वीथिका बनाए जाने के निर्देश" class="wp-image-2954" width="695" height="330" title="The News World 24" srcset="https://thenewsworld24.com/wp-content/uploads/2020/11/राजभवन-में-जीवंत-हुई-‘धरोहर-Heritage-बागौर-हवेली-में-राजस्थान-वीथिका-बनाए-जाने-के-निर्देश-29-11-2020.jpeg 580w, https://thenewsworld24.com/wp-content/uploads/2020/11/राजभवन-में-जीवंत-हुई-‘धरोहर-Heritage-बागौर-हवेली-में-राजस्थान-वीथिका-बनाए-जाने-के-निर्देश-29-11-2020-300x142.jpeg 300w, https://thenewsworld24.com/wp-content/uploads/2020/11/राजभवन-में-जीवंत-हुई-‘धरोहर-Heritage-बागौर-हवेली-में-राजस्थान-वीथिका-बनाए-जाने-के-निर्देश-29-11-2020-150x71.jpeg 150w" sizes="(max-width: 695px) 100vw, 695px" /><figcaption><strong>राजभवन में जीवंत हुई ‘धरोहर’ (Heritage) बागौर हवेली में राजस्थान वीथिका बनाए जाने के निर्देश</strong></figcaption></figure></div>



<ul class="wp-block-list"><li>राजभवन में जयपुर की ‘धरोहर’ (Heritage) कलाकृतियां का हुआ प्रदर्शन.</li><li>राजभवन में जीवंत हुई ‘धरोहर’ (Heritage).</li><li>कला प्रतिभाओं को कला प्रदर्शन के अधिकाधिक अवसर मिले-राज्यपाल</li></ul>



<p><strong>जयपुर।</strong> राज्यपाल कलराज मिश्र ने राजभवन प्रांगण में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक कला केन्द्र द्वारा आयोजित जलरंगो की राष्ट्रीय कार्यशाला ‘धरोहर’ (Heritage) के तहत सृजित कलाकृतियों का अवलोकन करने के बाद संबोधित किया । उन्होंने ‘धरोहर’ में गुलाबी नगरी जयपुर के अतीत और वर्तमान वैभव को प्रदर्शित करती कलाकारों की कलाकृतियों की सराहना करते हुए कहा कि कलाकार दृष्टा होता है। वह स्थान-विशेष के उन दृश्यों से भी देखने वाले का साक्षात्कार कराता है जो प्रायः देखने से छूट जाते हैं।</p>



<p>उन्होंने  राजस्थान की कला प्रतिभाओं को आगे लाये जाने और उनके लिए कला प्रदर्शन के अधिकाधिक अवसर सृजित किए जाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के अलग-अलग अंचलों में चित्र कलाओं की अद्भुत विशिष्टता है।  उन्होंने चित्रकला को श्रेष्ठतम कला बताते हुए राजस्थान की चित्र शैलियों के संरक्षण और प्रदर्शन के लिए प्रभावी कार्ययोजना के तहत कार्य किए जाने पर भी जोर दिया।</p>





<h2 class="wp-block-heading"><strong>बागौर हवेली में राजस्थान वीथिका बने:</strong></h2>



<p>राज्यपाल  ने उदयपुर की बागौर हवेली संग्रहालय में राजस्थान की विभिन्न कला शैलियां, उनके प्रमुख स्थल, कलाकार और उनसे जुड़ी विशेषताओं से संबधित कला वीथिका बनाए जाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र इस वीथिका को इस तरह से तैयार करे कि राजस्थान आने वाले पर्यटक वहां अधिकाधिक आने के लिए उत्सुक हों। </p>



<p>उन्होंने कहा कि राजस्थान कला संपन्न राज्य है। यहां की कला के विविध आयामों को वृहद स्तर पर प्रदर्शित किए जाने की जरूरत है। उन्होंने राजस्थान के कलाकारों के लिए राज्य सरकार, पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक कला केन्द्र जैसे संस्थानों को कला प्रोत्साहन के जरिए कलाकारों की मदद के सतत प्रयत्न किए जाने पर भी जोर दिया।</p>





<h2 class="wp-block-heading"><strong>राजभवन में जीवंत हुई ‘धरोहर’ (Heritage):</strong></h2>



<p>राजभवन के सुरम्य प्राकृतिक परिवेश में कोविड नियमो की पालना करते हुए रविवार को देश के विभिन्न स्थानों से आए कलाकारों की कलाकृतियां प्रदर्शित की गयी। पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, दिल्ली, झारखण्ड आदि स्थानों के कलाकारों ने पिछले दिनों जयपुर के विभिन्न स्मारकों, धरोहर स्थलों का भ्रमण कर वहां के दृश्यों को अपनी कला में प्रदर्शित किया है। राजभवन के खुले प्रांगण में इन कलाकारों की कलाकृतियां जब प्रदर्शित हुई तो लगा ‘धरोहर’ (Heritage) एक तरह से जीवंत हो उठी है। राज्यपाल ने रूचि से कलाकारों की जल रंगो से सृजित कलाकृतियां देखी और उनके बरते रंगो, रेखाओं और दृष्टि की सघनता की सराहना भी की। </p>



<p>राज्यपाल  कलराज मिश्र से व्यक्तिशः भेंट कर अपनी कलाकृतियां और उनके सृजन सरोकारों के बारे में भी अवगत कराया। इससे पहले राज्याल ने उदयपुर के शिल्प ग्राम में नागालैण्ड के कलाकारों द्वारा सृजित नागा हट और मूर्तिशिल्प तथा बागौर हवेली के जिर्णोद्धार से संबंधित विडियो फिल्म देखकर उसकी सराहना की। </p>


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